निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए—
हमारे यहां शिक्षा का उद्देश्य सत्य को जानना रहा है। शास्त्रों में भी कहा गया है कि ज्ञान का उद्देश्य सत्य को जानना है। वैसे तो विज्ञान तथा तकनीक भी सत्य को जानने का प्रयास करते हैं। सत्य को कभी भी प्रतिबंधित नहीं होना चाहिए। ज्ञान प्राप्ति के लिए मस्तिष्क, आंखें और कान खुले रखने पड़ते हैं। भारतीय दर्शन की विशेषता रही है कि ज्ञान कहीं भी मिले उसे ग्रहण करना चाहिए। यह बात आज की नहीं बल्कि हजारों साल पहले की है। विचारों को ग्रहण करने की यह उदार भावना लगातार हमारी संस्कृति में मौजूद रही है। हमारी संस्कृति विभिन्न विचारों को अवधारणा करती रही है।
प्रश्न
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए—
महाबलि एक पराक्रमी सम्राट थे। उनकी दानशीलता के कारण उनका प्रभाव बढ़ता जा रहा था। देवराज इंद्र ने विष्णु की सहायता से उसे समाप्त करने का षड्यंत्र रचा। विष्णु ब्राह्मण का रूप धारण कर महाबलि के पास गए तथा तीन पग भूमि मांगी। बलि तुरंत भूमि दान के लिए तैयार हो गए। तब विष्णु ने विराट रूप धारण किया। उन्होंने पहले कदम में पूरी धरती, दूसरे कदम में आकाश को नाप लिया। यह देखकर बलि ने तीसरा कदम रखने के लिए अपना सिर प्रस्तुत किया। विष्णु ने बलि के सिर पर पैर रखकर उसे पाताल भेज दिया। पाताल जाने से पहले बलि ने विष्णु से वर मांगा कि वह एक वर्ष में एक बार अपनी प्रजा से मिल सकें। केरलवासियों का मानना है कि ओणम के दिन महाबलि अपनी प्रजा को देखने अवश्य आते हैं। अपने राजा का हर्ष से स्वागत करने के लिए केरलवासी ओणम का आयोजन करते हैं। सावन के महीने में यह त्योहार पूरे केरल में धूमधाम से मनाया जाता है।
प्रश्न
निम्न शब्दों का वर्ण विच्छेद कीजिए—
क. स्मरण
ख. प्रदक्षिणा
दिए गए शब्दों में से उपसर्ग छांटिए—
क. अनुसंधान
ख. परिस्थिति
निम्न शब्दों के विलोम लिखिए—
क. लज्जित
ख. विशेष
निम्न शब्दों में प्रत्यय जोड़कर नए शब्द बनाइए—
क. नजदीक
ख. गरीब