निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए—
सभा में सन्नाटा छा गया। न्याय-मंत्री का निर्णय सुन सम्राट ने से झुका लिया। शिशुपाल सम्राट की परीक्षा में सफल हो गए थे। सम्राट का हृदय ऐसे व्यक्ति को पाकर गदगद हो रहा था।
तभी न्याय-मंत्री का संकेत पाकर एक कर्मचारी सम्राट अशोक की सोने की मूर्ति लेकर उपस्थित हो गया। न्याय-मंत्री ने खड़े होकर कहा, "सज्जनो! यह सच है कि मैं न्याय-मंत्री हूं और यह भी सच है कि अपराधी को दंड मिलना चाहिए परंतु अपराधी और कोई नहीं स्वयं सम्राट हैं। शास्त्रों में राजा को ईश्वर का रूप माना गया है इसलिए उसे ईश्वर ही दंड दे सकता है।
क. शिशुपाल की सफलता क्या थी?
ख. सम्राट की मूर्ति किस धातु की बनी थी?
ग. शास्त्रों में राजा को किसका रूप माना गया है?
घ. 'दंड' शब्द का विलोम शब्द और 'सम्राट' शब्द का विपरीत लिंग वाला शब्द लिखिए।
ङ. 'परीक्षा' शब्द का संधि-विच्छेद कीजिए।
निर्देशानुसार कीजिए—
क. निम्नलिखित शब्दों के बहुवचन रूप लिखिए—
ख. 'पर' के दो अर्थ हैं—
ग. निम्नलिखित शब्दों में उचित उपसर्ग लगाकर विलोम शब्द बनाइए—
घ. पाठ में आए कुछ तद्भव शब्द नीचे दिए गए हैं। इनके तत्सम रूप लिखिए—
ङ. 'आत्मा' शब्द से बना भाववाचक संज्ञा शब्द है।
मान लीजिए, तुम छात्रावास में रह रहे हो। तुम्हारी परीक्षा नजदीक है और तुम अपने बड़े भाई से परीक्षा की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन चाहते हो। इस आशय का पत्र बड़े भाई के नाम लिखिए।
फूल और काँटे के स्वभाव में क्या अंतर होता है?